मेहनत का फल

मेहनत का फल

मेहनत का फल

उदयपुर गाँव में एक चार लोग का परिवार रहता था| जिसमे राम उसकी पत्नी और दो बच्चे रहते थे| सभी काफी खुशी- खुशी रहते थे | राम अच्छा खासा काम करके पैसा कमा लेता था| और अपने परिवार का देखरेख करता था| दोनों बच्चों के अरमान काफी बड़े थे|

और अपने सपनों को पूरा करने मे दोनों जी जान लगाते थें | जिसको देखकर उन दोनों के माँ बाप काफी खुश रहते थें | और ईश्वर से हमेशा उनकी कामयाबी का कामना करते थें| एक दिन दोनों पति पत्नी कहीं मंदिर मे पूजा करने निकले और वहाँ पूजा पाठ किया|

वहाँ मंदिर मे देखा की एक ओर काफी भीड़ लगी है वहाँ जाकर देखा तो एक बड़ा पंडित बैठा था जो लोगों की जिंदगी की भविष्यवाणी करता था| दोनों की नजर उस पंडित पर पड़ी और ये दोनों ने सोचा की क्यों न अपने बच्चों के लिए भी पूछ लूँगी| दोनों कितना मेहनत करते है तो उन्हे भी कामयाबी मिलनी चाहिए|

यही सब सोच कर ये दोनों भी वहाँ पंडित के पास पहुँचे और उनसे अपने बेटों के बारे मे सारी बातें बताई| पंडित ने सारे बातें सुनी और बताया की आपके बेटों के किस्मत में काफी दोस है उसके मेहनत का फल उसके पास आकर छीन जाएंगे| उन दोनों को जीवन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा|

ये सब सुन कर उसके माँ बाप काफी उदास हो गए और उनके आँखों मे आसूं आ गए| घर जाकर उन्होंने ये सारी बातें अपने बेटों से बताई और उनसे बोले की तुम दोनों ये सब छोर कर खेती में मेहनत करो ताकि सब कुछ ठीक हो जाए| तुम्हारे किस्मत में नौकरी नहीं लिखी है|

दोनों बच्चों ने माँ बाप को काफी समझाया की वो सब कुछ नहीं होता मेहनत का फल ही सबकुछ होता हैं| लेकिन उनकी माँ ने एक न सुनी| फिर दोनों बच्चों ने सोचा की माँ के इस भ्रम को दूर करना होगा| और उन्होंने और अधिक मेहनत करने लगी|

इसी दौरान उस दोनों बच्चों ने काफी  ठोकरें खाई लेकिन उसे और होसला बना कर आगे मेहनत करते रहे| एक दिन अचानक उस दोनों की नौकरी के चिठ्ठी उस गाँव मे आए और सारे लोग सुन कर खुश हुए| कहाँ जाता है कि मेहनत एक न एक दिन रंग लाता ही है और ये उन दोनों ने साबित कर दी और किस्मत के आगे उनके मेहनत और लगन को जितना पड़ा| ये देखकर उसके माँ- बाप काफी खुश हुए और भगवान को शुक्रिया अदा की|

सीख- हमें किस्मत के भरोसे नही रहना चाहिए| कर्म के आगे किस्मत को झुकना पड़ता हैं| इसलिए हमें मेहनत करते रहना चाहिए|

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