मेरी सजावट

जन्म दिन है मेरा माँ तो, मुझको ज़रा सजा  दो ना,अब तक ना पहनी हो, मुझको ऐसी फ्रॉक बना दो ना। आसमान सा रंग हो जिसका…

आदिल की एक कविता

ख़्वाबों से  जो  निकले  हम  खियाबां  में  जा  पहुंचे न  पूछो   हमसे  हमदम,  किस  जहाँ  में  जा  पहुंचे फूलों  की  वो  रूहानी  महक कलियों  की वो …